ग्रामकोष का गठन सहयोग और सहकारिता को ध्यान में रखकर ग्रामीनोको स्वावलंबी बनाकर उनके आर्थिक विकास के लिए प्रत्येक पंचायत में किया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्र में जो एक प्रकार का व्यवसाय करते है या करना चाहते है ऐसे व्यक्ति इसके सदस्य बनाकर सहायता प्राप्त कर सकते है. इसके अंतर्गत लाभार्थी परिवार को क्षमता के अनुरूप ग्रामकोष में प्रति महा बचत राशि जमा करनी होगी. परिवार में पति-पत्नी दोनो ही ग्रामकोष की गतिविधियों में भाग ले सकेंगे.तथा जमा धनराशि के आधार पर क्षेत्रीय समिति के सम्मति से उधोग लगाने के लिए सहयोगा के पात्र होंगे.ग्रामकोष की गतिविधि विकेंद्रिया प्रणाली पर आधारित होगी.
