प्रति ,
माननीय सरपंच / सचिव महोदय जी
ग्रा. पं. ………………………….
जिला ……………………………

विषय:- ग्राम पंचायत में स्वावलंबी ग्राम विकास कार्यक्रम चलाने हेतु.

मान्यवर महोदय जी ,
हमारा देशा ग्राम एवम् कृषि प्रधान देश है और समरे गाँव पहले अपने आपमें पूर्ण थे इसलिए हमारे राष्ट्र को जगत गुरु सोने की चडिया कहा जाता था . पर आज गाँव परावलम्बि हो गये है और पलायन के कारण गाँवों का विकास रुक गया है . इसलिए केन्द्रा तथा राज्य सरकार भी गाँवों को विकसित करने में लगी है. विभिन्ना योजनाए गाँवों के विकास के लिए बनाई जा रही है. परंतु गाँवों तक उसकी जानकारी नही पहुँच पाती और हमारे देश की ग्रामीण जनता उससे अनभिग्य रहती है.
हमारी संस्था द्वारा सरकारी तथा गैर सरकारी योजनाओं को गाँवों तक पहुँचने तथा ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जाग्रत कर गावों को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयास कर रही है जिसके लिए हमने स्वावलंबी ग्राम विकास कार्यक्रम बनाया है . इस कार्यक्रम के सुत्र संचालन के लिए प्रत्येक पंचायत में 11 सदस्यों की स्वावलंबी ग्राम समिति तथा 7 सदस्यों का उधोग मंडल स्थापित होगा.
अत: देश के सभी सरपंच तथा ग्राम सचिवों से अनुरोध है की ग्रामीण विकास के कार्य में हमारे स्वयंसेवक को सहयोग प्रदान कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाए .
धन्यवाद .

स्वराज सचिव
टी.एस.सोनेकर
swarajmy@gmail.com

विशेष नोट :- ग्रामीण विकास के लिए हमारी संस्था मोबाइल की विशेष सेवा सुरू कर रही है जो पूरी तरहा नि:शुल्क है . इसका लाभ लेने के लिए आपको अपने मोबाइल से join gramvikas लिखकर 567678 पर sms करना होगा ताकि हम आपको अपनी सेवा प्रदान कर सके तथा आपको सरकारी एवम् गैर सरकारी योजना की जानकारी हो सके