स्वावलंबी ग्राम समिति के कार्य

1) ग्राम प्रोफाइल तयार करना ताकि गावों के विकास के लिए मास्टर प्लान बनाया जासके .
2) ग्रामीनो को रोज़गार – स्वरोजगार की जानकारी देना .
3) शासन की विभिन्न जानकारी आम जनता तक पहॉंचना . 
4) कुटीर – ग्रमोधोग की स्थापना के लिए ग्रामीण संसाधानो का अध्ययन करके  सूची    बन
5)कृषि विकास हेतु कृषि उपकरण खाद बीज की जानकारी एवम् व्यवस्था करना .
6) दैनिक आवशकता की वास्तु कम दम पर उपलब्धा करना.

 

                                                   सदस्यो को लाभ

1) शिक्षित – अशिक्षित युवाओं को उनकी रूचि तथा योग्यता के अनुरूप विभिन्न रिक्तियों की जानकारी देना
2) निजी क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी एकत्रित कर इन नौकरियों में जाने के इच्छुक युवाओं का साक्षात्कार करवाना
3) शासन की विभिन्न जानकारी आम जनता तक पहॉंचना
4)स्वावलंबन हेतु कुटीर और ग्रामोधोग का प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देना
5)आधुनिक उधोगो की स्थापना के लिए सहयोग
6)ग्रामीण छात्रों के लिए अभ्यास हेतु मार्गदर्शन एवं सहयोग .
7)सरकारी तथा ग़ैरसरकारी योजनाओं की जानकारी .
8)ऋण अनुदान के संबंध में मार्गदर्शन .
9)नि:शुल्क कॅंप्यूटर प्रशिक्षण .
10)रोज़गार – स्वरोजगार की  जानकारी मोबाइल पा एस.एम.एस. द्वारा देना
11)दैनिक आवश्‍यकता की वास्तु कम दाम पर उपलब्ध करना .

                                   सदस्यता के नियम एवं शर्त

1) सदस्या की उम्र 18 वर्ष से कम ना हो .
2) समाज केलिए एक घंटा समयादान तथा 10/- रु. प्रति माह दान करे.
3) अपने घर तथा पड़ोसा का वातावरण स्वछ रखें .
4) भारत माता का फोटो अपने घर स्थापित करें .
5) संस्था के नियमों का पालनकरने के लिए टायर हो .
6) 35% महिलौ का होना अनिवरया है

पंजियन शुल्क 20/- रु.
सदस्यता शुल्का 120/- रु. वार्षिक

स्वावलंबी ग्राम समिति एवम् उधोग मंडलों को यह प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जाएगा